नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंप डीलरों ने 2,000 रुपये से ऊपर के UPI भुगतान लेना बंद करने का फैसला किया है। राज्य के करीब 4,700 डीलर इसमें शामिल बताए जा रहे हैं।
क्या है डीलरों का फैसला
MP पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान स्वीकार नहीं किए जाएंगे। तारीख अधिकांश रिपोर्ट्स में 15 अक्टूबर है, जबकि ANI की रिपोर्ट में 16 अक्टूबर बताई गई है। ग्राहकों के पास डेबिट और क्रेडिट कार्ड या नकद का विकल्प रहेगा।
नया MDR क्या है
NPCI ने 15 सितंबर को नया MDR ढांचा पेश किया। इसके तहत व्यापारियों को किए गए 2,000 रुपये से ऊपर के कुछ UPI भुगतान पर 0.4% MDR लगेगा। यह शुल्क ग्राहक नहीं, व्यापारी देंगे। व्यक्ति से व्यक्ति के UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक ईंधन के लिए अलग से फ्लैट 5 रुपये का सेक्टर-विशेष MDR तय है, पर डीलर 0.4% की बात कर रहे हैं। इस अंतर की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से करना बेहतर होगा।
डीलर क्यों नाराज हैं
एसोसिएशन अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक हर पंप पर औसतन 100 ग्राहक 2,000 रुपये से ऊपर का भुगतान करते हैं। इससे रोजाना करीब 590 रुपये और महीने में करीब 17,700 रुपये का नुकसान होगा। उनका कहना है कि डीलरों का मार्जिन करीब 0.5% है और वे यह खर्च नहीं उठा सकते।
मांग क्या है
डीलर चाहते हैं कि जैसे कार्ड लेनदेन पर MDR से छूट मिली है, वैसी ही छूट UPI पर भी दी जाए।
मुंबई के डीलर भी मैदान में
मुंबई के पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने RBI को पत्र लिखकर पूरी छूट मांगी है। उसने चेतावनी दी है कि छूट न मिली तो शहर के पंपों पर 15 अक्टूबर से UPI बंद किया जा सकता है। उसका कहना है कि उसके पंपों पर 60% से ज्यादा बिक्री डिजिटल माध्यम से होती है।
ग्राहकों पर असर
अगर फैसला लागू हुआ तो 2,000 रुपये से ज्यादा का ईंधन भरवाने पर UPI काम नहीं करेगा। ऐसे में कार्ड या नकद साथ रखना होगा।