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छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा प्लान, स्मृति ईरानी के दौरे से बढ़ी सियासी हलचल

by desk

 

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर 2026 से दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी। उनके साथ सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रायपुर पहुंचेंगे। इस दौरे को प्रदेश में भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

प्रदेश कार्यालय में बैठकों का दौर

स्मृति ईरानी अपने दौरे के दौरान रायपुर स्थित भाजपा के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगी। इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

बैठकों में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और संगठन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने पर चर्चा होने की संभावना है।

किरण देव और कर्मवीर सिंह के साथ होगी चर्चा

दौरे की शुरुआत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह के साथ प्रारंभिक चर्चा से होगी। इसके बाद कोर ग्रुप की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रदेश में पार्टी की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

वरिष्ठ नेताओं को भी मिलेगी अहम जिम्मेदारी?

स्मृति ईरानी उन वरिष्ठ नेताओं से भी अलग-अलग बातचीत करेंगी, जो वर्तमान में संगठन या सरकार में किसी पद पर नहीं हैं। इस संवाद के जरिए आगामी चुनाव को देखते हुए उनकी भूमिका और संगठन में उनकी भागीदारी पर चर्चा की जाएगी।

भाजपा के लिए यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विधानसभा चुनाव 2028 से पहले संगठन को सक्रिय रखना, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाना और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।

क्या 2028 के चुनाव की रणनीति को मिलेगी नई दिशा?

स्मृति ईरानी का यह प्रस्तावित दौरा छत्तीसगढ़ भाजपा के लिए संगठनात्मक समीक्षा का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। बैठकों में होने वाले विचार-विमर्श से आगामी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों की दिशा स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, किसी नई रणनीति या जिम्मेदारी की आधिकारिक घोषणा होने पर ही उसके बारे में निश्चित रूप से कहा जा सकेगा।

 

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