12 अगस्त को दिन में छा जाएगा अंधेरा, स्पेन में दिखेगा दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण

12 अगस्त 2026 को दुनिया के कई हिस्सों में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसके दौरान कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा छा जाएगा। यह घटना खासतौर पर स्पेन के उत्तरी हिस्सों में दिखाई देगी, जहां सूर्यास्त से ठीक पहले आसमान में रात जैसा नजारा बन सकता है।

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और उसकी छाया पृथ्वी के एक छोटे हिस्से पर पड़ती है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, जिससे सूर्य का बाहरी वातावरण यानी कोरोना दिखाई देने लगता है।

क्यों दिखाई देता है दिन में अंधेरा?

वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य चंद्रमा से करीब 400 गुना बड़ा है, लेकिन वह चंद्रमा से लगभग 400 गुना दूर भी है। इसी खास संयोग के कारण पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढकने में सक्षम हो जाता है।

ग्रहण के दौरान तापमान में गिरावट आ सकती है, वातावरण में हल्की धुंधली रोशनी दिखाई देती है और कई बार पक्षी व अन्य जानवर इसे रात समझकर अपनी गतिविधियां बदल देते हैं।

कहां-कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?

12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण सबसे पहले उत्तरी रूस के कुछ दूरदराज इलाकों में दिखाई देगा। इसके बाद इसकी छाया ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों से गुजरेगी।

स्पेन में यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी शहर ओविएडो से लेकर मलोरका द्वीप तक देखा जा सकेगा।

हालांकि भारत में इस पूर्ण सूर्य ग्रहण के दिखाई देने की संभावना नहीं है।

कितनी देर रहेगा अंधेरा?

स्पेन में पूर्ण सूर्य ग्रहण का समय बहुत लंबा नहीं होगा। कई स्थानों पर सूर्य पूरी तरह ढकने की अवधि दो मिनट से कम रहेगी।

उत्तरी स्पेन के बुर्गोस शहर में पूर्ण ग्रहण करीब 1 मिनट 48 सेकंड तक दिखाई देने का अनुमान है। वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में यह समय थोड़ा अधिक हो सकता है, लेकिन ढाई मिनट से कम ही रहेगा।

इसके अलावा आंशिक सूर्य ग्रहण लगभग 1 घंटे 45 मिनट तक चलेगा, जिसे यूरोप, कनाडा, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा।

प्राचीन समय में ग्रहण को माना जाता था रहस्यमय घटना

इतिहास में कई सभ्यताओं ने सूर्य ग्रहण को डर और रहस्य से जोड़कर देखा। कुछ संस्कृतियों में इसे दुनिया के अंत या देवताओं के संदेश के रूप में माना जाता था।

लेकिन आधुनिक विज्ञान ने साबित किया है कि सूर्य ग्रहण पूरी तरह से एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जो सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की स्थिति के कारण होती है।

सूर्य ग्रहण देखते समय रखें सावधानी

वैज्ञानिकों की सलाह है कि सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। सूर्य की तेज रोशनी आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकती है।

ग्रहण देखने के लिए केवल प्रमाणित सोलर फिल्टर चश्मे या सुरक्षित उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए।

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