पहली बार दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, केवडिया में आज होगा 72वां समारोह, अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड

नई दिल्ली। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन मंगलवार, 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया स्थित एकता नगर में हो रहा है। यह पहला मौका है जब यह प्रतिष्ठित समारोह दिल्ली से बाहर आयोजित हो रहा है।

कहां और कब

समारोह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पृष्ठभूमि में एकता नगर में दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। दर्शक इसे DD नेशनल के यूट्यूब चैनल पर लाइव देख सकते हैं। केवडिया दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, 182 मीटर ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए जाना जाता है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को राष्ट्र को समर्पित किया था।

राष्ट्रपति देंगी सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 2024 में भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए करीब 92 विजेताओं को सम्मानित करेंगी। 1954 में स्थापित ये पुरस्कार फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन की श्रेणियों में देश की विविध भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्मों को मान्यता देते हैं।

अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड

दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए 2024 का दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलेगा। यह भारत का सर्वोच्च फिल्म सम्मान है, जिसमें स्वर्ण कमल, शॉल और 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है। इस साल की शुरुआत में समिति की सिफारिश पर सरकार ने इस पुरस्कार की घोषणा की थी।

प्रमुख विजेता

बेस्ट फीचर फिल्म का खिताब “आर्टिकल 370” को मिला है। यामी गौतम को इसी फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। बेस्ट एक्टर का पुरस्कार “ब्रह्मयुगम” के लिए मम्मूटी और “चंदू चैंपियन” के लिए कार्तिक आर्यन ने साझा किया। “अमरन” के लिए राजकुमार पेरियासामी को बेस्ट डायरेक्शन मिला। “कल्कि 2898 AD” को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग व्होलसम एंटरटेनमेंट चुना गया, जबकि रणदीप हुड्डा को “स्वातंत्र्य वीर सावरकर” के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार मिला। “कैप्टन मिलर” को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया।

नॉन-फीचर और लेखन श्रेणी

मराठी फिल्म “भंगार” को बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म चुना गया, जबकि निर्देशक आनंद एल. राय को “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – एकता का प्रतीक” के लिए बेस्ट डायरेक्शन मिला। संथाली फिल्म “आंगेन” के लिए रवि राज मुर्मू को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर (नॉन-फीचर) का सम्मान मिला, जो इतिहास में पहली बार किसी संथाली फिल्म को नॉन-फीचर श्रेणी में मान्यता है। बेस्ट फिल्म क्रिटिक का अवॉर्ड संजीव श्रीवास्तव को और बेस्ट बुक ऑन सिनेमा का पुरस्कार डॉ. प्रदीप केंचनूरु की किताब को मिला।

कई भाषाओं का प्रतिनिधित्व

इस साल के पुरस्कारों में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तुलु और गढ़वाली समेत कई भाषाओं की फिल्मों को सम्मानित किया जा रहा है। “पुष्पा: द रूल पार्ट-02”, “भूल भुलैया 3” और “स्त्री 2” जैसी फिल्में भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित हो रही हैं।

समारोह को अलग-अलग शहरों में ले जाने की पहल

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आगे से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने का फैसला किया है, जिसकी शुरुआत इस बार केवडिया से हो रही है।

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