पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर चल रहा विवाद अब नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पार्टी के असली नाम और उसके परंपरागत चुनाव चिह्न “घास पर दो फूल” को अगले आदेश तक फ्रीज कर दिया है। यह फैसला ममता बनर्जी गुट, जिसे अक्सर “कालीघाट तृणमूल” कहा जाता है, और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के बीच चल रही खींचतान के बीच आया है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी पर तीखा तंज कसा और कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी किसी की निजी संपत्ति या प्राइवेट कंपनी नहीं होती। उनके गुट का दावा है कि उन्होंने आयोग के सभी सवालों के तथ्यात्मक आधार पर जवाब दिए हैं और जरूरी दस्तावेज भी सौंपे हैं।
यह विवाद अब सिर्फ नाम-चिह्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पार्टी कार्यालय और फंड पर नियंत्रण को लेकर भी दोनों गुटों के बीच टकराव बढ़ गया है। इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने पार्टी के फंड में गड़बड़ी की आशंका के चलते फ्रीज किए गए TMC के तीन HDFC बैंक खातों को अनफ्रीज करने से भी इनकार कर दिया था।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद ऐसे समय पर गरमाया है जब पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों — मुर्शिदाबाद के रेजीनगर और पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम — पर उपचुनाव होने वाले हैं। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना तय है, और नामांकन की आखिरी तारीख से पहले दोनों गुट आयोग से जल्द फैसला लेने की अपील कर चुके हैं।