स्वर कोकिला लता मंगेशकर को देश का नमन:-भारतीय संगीत की सबसे चर्चित आवाजों में से एक लता मंगेशकर की आज 97वीं जयंती है। उनका जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। उनका निधन 2022 में हुआ, पर उनके गीत आज भी हर पीढ़ी के श्रोताओं की जुबान पर हैं।
संगीत से भरा परिवार
लता के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे। बचपन में ही उन्हें संगीत की शिक्षा मिली। उनके भाई-बहन मीना, आशा, उषा और हृदयनाथ भी संगीत की दुनिया के जाने-माने नाम हैं।
सात दशक लंबा सफर
लता ने अपने करियर में सात दशक से ज्यादा समय तक पार्श्वगायन किया। 1949 में फिल्म ‘महल’ के गीत से उन्हें बड़ी पहचान मिली। नौशाद के साथ काम ने उन्हें शिखर पर पहुंचाया। ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘अजीब दास्तां है ये’, ‘लग जा गले’ और ‘जिया जले’ जैसे गीत आज भी क्लासिक माने जाते हैं। उन्होंने आर.डी. बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और ए.आर. रहमान जैसे संगीतकारों के साथ भी काम किया।
इंदौर में राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह
इंदौर में 27 और 28 सितंबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। मुख्य पुरस्कार समारोह आज परस्पर नगर स्थित लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में होगा। यह पुरस्कार एक वर्ष संगीत निर्देशन और अगले वर्ष पार्श्वगायन के लिए दिया जाता है। कार्यक्रम में लता के जीवन पर दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी लगी है। 27 सितंबर को सुगम संगीत प्रतियोगिता हुई, और शाम को सचेत-परंपरा टंडन की संगीत संध्या प्रस्तावित है।
आज भी जिंदा है आवाज
हर साल इस दिन संगीत प्रेमी, कलाकार और नेता सोशल मीडिया और मंचों पर उन्हें याद करते हैं। सिनेमा, शास्त्रीय, भजन और गजल तक उनके गीतों की विविधता ही उन्हें भारतीय संगीत में अलग स्थान देती है।
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