रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी और सेवा की भावना को गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन उत्सव’ के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
आंगन मिलन उत्सव में हितग्राहियों और कार्यकर्ताओं का सम्मान
गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित कार्यक्रमों में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और दीदियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी रही। उनके द्वारा बच्चों और महिलाओं को सुपोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े उपयोगी सुझाव दिए गए।
अन्न की रंगोली ने दिया सुपोषण का संदेश
आंगन मिलन उत्सव में अन्न के दानों से बनाई गई सुपोषण रंगोली आकर्षण का केंद्र रही। इसके माध्यम से स्थानीय और पौष्टिक अन्न को स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव के रूप में अपनाने का संदेश दिया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी लोगों को सुपोषण के प्रति जागरूक किया।
अन्नप्राशन और गोद भराई कार्यक्रम आयोजित
कार्यक्रम के दौरान अन्नप्राशन को नवजात के जीवन में पोषण की नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में मनाया गया। वहीं गोद भराई कार्यक्रम के जरिए मातृत्व, मातृ स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी की देखभाल के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
सुपोषण के लिए सामूहिक भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि सुपोषण केवल पर्याप्त भोजन तक सीमित नहीं है। इसमें मां का स्वास्थ्य, बच्चे का पोषण, परिवार की जागरूकता और समाज की भागीदारी सभी महत्वपूर्ण हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण समुदाय की सामूहिक भागीदारी से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ये कार्यक्रम कुपोषण के खिलाफ जागरूकता, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सुपोषण की आदतों को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं।
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