उद्यमिता उद्यमिता—एक ऐसी सोच और मेहनत की, जो बेरोज़गारी की चुनौती को अवसर में बदल सकती है. आज के दौर में सिर्फ नौकरी ढूँढना नहीं, बल्कि खुद के विचार को …
आजाद कलम
हमारी पीढ़ी कुछ दिन पहले अखबार में एक लेख पढ़ रहा था. लेखक ज़ेन जी जनरेशन की बात कर रहे थे. समाज शास्त्रियों ने तमाम पीढ़ियों को अलग अलग समय …
“जीवन के हर मोड़ पर गीता का संग” (सुंदर और भावपूर्ण कविता जिसमें जीवन के हर चरण — बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था — में भगवद् गीता के महत्व …
आज का युग इंटरनेट का युग है. मोबाइल, UPI, सोशल मीडिया ने जीवन आसान किया है, लेकिन साथ में साइबर क्राइम जैसी नई समस्या भी लाई है. साइबर क्राइम का …
नशा आज के समाज की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. यह केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है. नशे के कारण …
- आजाद कलमलेटेस्टस्टेट न्यूज़
घुड़सवारों के साहस, महिला बैग पाईपर बैंड की लय और श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन से सजा स्वतंत्रता दिवस समारोह …
by deskby deskरायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में घुड़सवार दलों ने अपने अदम्य साहस और ऊर्जा का जीवंत प्रदर्शन किया। …
हमारा देश भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ…उस समय देश के पास संसाधन सीमित थे, गरीबी और अशिक्षा व्यापक थी, उद्योग और तकनीक बहुत पीछे थे…लेकिन उस पीढ़ी के …
- आजाद कलमब्रेकिंग न्यूज़राष्ट्रीयलेटेस्ट
15 अगस्त: आजादी के 80वें वर्ष में देश मना रहा स्वतंत्रता दिवस, तिरंगे के रंग में रंगेगा भारत..
by deskby deskनई दिल्ली। आज देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा हैं। वर्ष 1947 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद …
आजादी के बाद—क्या हम सचमुच आजाद हैं? पंद्रह अगस्त हर वर्ष हमें उस आजादी की याद दिलाता है, जिसके लिए अनगिनत लोगों ने अपना वर्तमान बलिदान कर हमें भविष्य चुनने …
डॉक्टर गूगलानंद प्रसाद मैं एक बाल रोग विशेषज्ञ हूँ. बच्चों की बीमारियों के साथ-साथ मैंने एक नई बीमारी को भी खूब बढ़ते देखा है—”गूगल पैरेंट सिंड्रोम.” “डॉक्टर साहब, पाँच दिन …