छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश के संकेत

छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है। वहीं, राजधानी रायपुर में फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।

दक्षिणी इलाकों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, 17 से 20 अक्टूबर के बीच प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। इसके बाद 21 और 22 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हालांकि, इन दोनों दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।

रायपुर में गर्मी बरकरार, बादलों की आवाजाही

राजधानी रायपुर में 17 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले तीन दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

लालपुर में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज

बीते 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर के लालपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। दूसरी ओर, पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जगदलपुर में इस अवधि के दौरान 1.8 मिलीमीटर बारिश हुई।

इन मौसमी गतिविधियों का दिख सकता है असर

मौसम में बदलाव के पीछे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण एक प्रमुख कारण है। यह समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण तमिलनाडु तट से ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

बिजली चमकने पर इन बातों का रखें ध्यान

बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। बिजली के खंभों और तारों से भी दूरी बनाए रखें। किसानों को खुले में रखी फसल और कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी करनी चाहिए।

10 टैग

 

 

Related posts

MP-CG में भूकंप के झटके! सिंगरौली में 3.5 तीव्रता, जानें कहां था केंद्र

नवरात्रि 2026 में बड़ा संयोग! एक ही दिन होगी अष्टमी-नवमी पूजा

कार्तिक-अनन्या की लव स्टोरी का टीवी प्रीमियर, जानें कब और कहां देखें