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छत्तीसगढ़ बनेगा देश का ग्रोथ इंजन, खनिज संपदा से बढ़ेंगे रोजगार और निवेश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खनन एवं कोयला क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी रहे मौजूद; 2025-26 में प्रदेश को खनिजों से मिला 16,738 करोड़ रुपए का राजस्व

by desk

रायपुर। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का बड़ा आधार बनाने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग कर छत्तीसगढ़ को देश के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाया जाएगा। खनिज संपदा का लाभ केवल उद्योगों तक सीमित न रहकर स्थानीय लोगों और विशेषकर जनजातीय समुदायों तक पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में खनन एवं कोयला क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें खनिज अन्वेषण, कोयला उत्पादन, खनिज ब्लॉकों की नीलामी, क्रिटिकल मिनरल्स, डीएमएफ राशि के उपयोग और आधुनिक तकनीक से खनन गतिविधियों की निगरानी जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

खनिज क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के प्रयासों की केंद्रीय मंत्री ने की सराहना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राज्य सरकार के खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल, ड्रोन आधारित निगरानी, स्टार रेटिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि खनिज प्रशासन में तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने अच्छी पहल की है।

डीएमएफ की राशि से प्रभावित क्षेत्रों का होगा विकास

केंद्रीय मंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि का अधिकतम उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नक्सल प्रभावित रहे जिलों को डीएमएफ राशि के उपयोग में मिली विशेष छूट का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही नए खनिज भंडारों की खोज, क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण और खनिज ब्लॉकों को जल्द संचालन में लाने के निर्देश दिए।

2025-26 में खनिजों से मिला 16,738 करोड़ का राजस्व

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ को खनिजों से 16,738 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। प्रदेश में कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर और टिन के उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है।

इसके अलावा लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, वैनेडियम, गैलियम और फॉस्फोराइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण एवं विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और खनिज आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

बस्तर के जनजातीय टिन संग्राहकों को मिलेगा बेहतर मूल्य

बैठक में बस्तर के जनजातीय टिन संग्राहकों के लिए विकसित TIN (Tribal Incentives on Natural Resources) पोर्टल की विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने इस पहल की सराहना की।

इस पोर्टल के माध्यम से टिन अयस्क की खरीदी, मूल्य निर्धारण और भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाया गया है। लंदन मेटल एक्सचेंज आधारित मूल्य निर्धारण और DBT के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707 किलोग्राम से अधिक टिन अयस्क की खरीदी पर लगभग 90.82 लाख रुपए का भुगतान किया गया था। वहीं 2025-26 में 20,895 किलोग्राम से अधिक टिन अयस्क के लिए लगभग 3.81 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ। यानी एक साल में भुगतान चार गुने से अधिक बढ़ा है।

वर्तमान में बस्तर संभाग में छह टिन क्रय केंद्र संचालित हैं और तीन नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

खदानों के वैज्ञानिक समापन और कोयला उत्पादन बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने बंद हो चुकी खदानों का वैज्ञानिक तरीके से समापन करने और उनकी भूमि के बेहतर पुनः उपयोग के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोयला उत्पादन बढ़ाने, लंबित स्वीकृतियों में तेजी लाने और गैर-संचालित खनिज ब्लॉकों को जल्द शुरू करने पर भी जोर दिया।

बैठक में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के साथ कोयला उत्पादन, परिचालन संबंधी चुनौतियों और लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। खनिज परिवहन की निगरानी के लिए AI, ड्रोन और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, एसीएस मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बी. साईराम, SECL के सीएमडी हरीश दुहन सहित केंद्र और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, निवेश और रोजगार सृजन के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई गति दी जाएगी।

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