धमतरी । छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता, उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में धमतरी में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा आकर्षक विकास प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों, युवाओं, नव उद्यमियों और स्वरोजगार के इच्छुक लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं, वित्तीय प्रोत्साहनों तथा उद्यम स्थापना की सुविधाओं से अवगत कराया जा रहा है।
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की नवाचार एवं उद्यम प्रोत्साहन नीति तथा विजन @2047 के तहत उद्यमिता विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। भारत में 1.57 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त नव उद्यमों और वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान की उपलब्धि के संदर्भ में युवाओं को नवाचार आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रदेश में विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए उद्यमों की स्थापना और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नव उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक जिले में कार्यशाला एवं उद्यम संवर्धन केंद्र स्थापित करने की पहल की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। इन केंद्रों के माध्यम से नव उद्यमियों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, कार्यालय एवं कार्यस्थल, आधुनिक प्रयोगशालाओं तथा आवश्यक संसाधनों की सुविधा उपलब्ध कराने की परिकल्पना है। साथ ही निवेशकों और बड़े उद्योगपतियों से संपर्क स्थापित कर नव उद्यमों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने पर जोर दिया गया है।
प्रदर्शनी में वित्तीय प्रोत्साहन के अंतर्गत प्रारंभिक उत्पाद विकास तथा न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद तैयार करने के लिए सहायता, पात्रता के अनुसार 75 प्रतिशत तक वित्तीय सहयोग तथा एक करोड़ रुपये तक की ऋण गारंटी जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई है। इसके अलावा संचालन व्यय में राहत और निर्धारित पात्रता के अनुरूप अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सहायता से संबंधित प्रावधानों को भी प्रदर्शित किया गया है।
विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण आधारित स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहित करने की जानकारी भी दी जा रही है। प्रदर्शनी में स्थानीय खाद्य उत्पादों, मोटे अनाज आधारित प्रसंस्करण, मसाला निर्माण तथा अन्य लघु खाद्य उद्योगों की संभावनाओं को दर्शाया गया है। रामकृष्णा प्रसंस्करण इकाई सहित स्थानीय उद्यमों के उदाहरणों के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को मूल्य संवर्धन से जोड़कर रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
नव उद्यम एवं उद्योग स्थापना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट startup.cg.gov.in तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, धमतरी से संपर्क करने की जानकारी भी प्रदर्शनी में उपलब्ध कराई गई है।
राज्योत्सव में लगाई गई यह प्रदर्शनी केवल योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करने की सार्थक पहल है। नवाचार, स्थानीय संसाधनों के उपयोग, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण तथा विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
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