कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार (2 अक्टूबर) देर रात X पर घोषणा की कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं देते, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन होगा। उन्होंने लिखा कि देश भर से “कॉकरोच” दिल्ली कूच करेंगे।
मुंबई की रैली के बाद
यह घोषणा मुंबई के शिवाजी पार्क में हुई बड़ी रैली के कुछ घंटे बाद आई, जिसमें हज़ारों लोग जुटे। पुलिस ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी थी और दादर स्टेशन तक भारी सुरक्षा तैनात थी। रैली गांधी जयंती के दिन हुई और मंच पर अहिंसा और सादगी से जुड़े उद्धरण लगे थे। वहीं दिपके ने “जंतर मंतर 2.0” की चेतावनी दी थी। कई वामपंथी संगठनों के भाग लेने की भी बात कही गई।
पुलिस और शांति का सवाल
दिपके ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रोकती है तो जहाँ भी प्रदर्शनकारी रोके जाएँगे, वही जगह उनका जंतर मंतर बन जाएगी। उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया और कहा कि वे महात्मा गांधी के रास्ते पर चलेंगे। उनका कहना है कि यह सरकार और दिल्ली पुलिस तय करें कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करते हैं या 20 जुलाई जैसी “बर्बरता” दोहराते हैं। इन रिपोर्टों में दिल्ली पुलिस की अनुमति या जवाब का ज़िक्र नहीं है।
माँग और आरोप
CJP की माँग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें। एक अन्य CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने माँग की कि उन पर आपराधिक कार्रवाई भी हो। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए। रैली में भाजपा पर चुनावी हेरफेर के आरोप भी लगे। ये CJP के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं है।
CJP कौन है
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत 16 मई 2026 को अभिजीत दिपके ने राजनीतिक व्यंग्य के रूप में ऑनलाइन की थी। उसका टैगलाइन “Voice of the Lazy & Unemployed” था। वह ख़ुद को किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा नहीं बताती और ऐसे युवाओं का मंच कहती है जो मुख्यधारा की राजनीति से कटे महसूस करते हैं।
आगे क्या
10 अक्टूबर से पहले दिल्ली पुलिस की अनुमति और CEC की तरफ़ से किसी प्रतिक्रिया पर नज़र रहेगी।