आज देशभर मे धनतेरस का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।
धनतेरस का महत्व
इस दिन सोना, चांदी, पीतल के बर्तन और अन्य धातुएं खरीदना शुभ माना जाता है। शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की भी परंपरा है।
सोना-चांदी और बर्तन खरीदने का क्या है महत्व?
धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल, तांबे और अन्य धातुओं के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आती हैं। हालांकि, यह परंपरा अपनी सामर्थ्य के अनुसार निभाई जाती है।
भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की होती है पूजा
धनतेरस की शाम भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा भी है। इसे यम दीपदान कहा जाता है, जिसका उद्देश्य परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना करना है।
इस तरह धनतेरस केवल खरीदारी का त्योहार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और परिवार की खुशहाली का प्रतीक भी है।