ड्रोन से खेतों में उतरी नई तकनीक, बलौदाबाजार में 40 हेक्टेयर में हुआ खरपतवार नाशक का छिड़काव…

बलौदाबाजार। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में बलौदाबाजार जिले में नई पहल शुरू हुई है। खेती में समय और श्रम की बचत के साथ-साथ दवाओं के समान छिड़काव के उद्देश्य से अब ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जिले में ड्रोन के माध्यम से करीब 40 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खरपतवार नाशक का छिड़काव किया गया।

इस पहल से किसानों को खेतों में दवा के छिड़काव के पारंपरिक तरीकों का विकल्प मिला है। बड़े खेतों में मजदूरों के माध्यम से छिड़काव करने में अधिक समय और श्रम लगता है। वहीं ड्रोन के जरिए कम समय में बड़े क्षेत्र को कवर किया जा सकता है। इससे किसानों को खेती के दूसरे जरूरी कार्यों के लिए भी समय मिल सकेगा।

कम समय में बड़े क्षेत्र में छिड़काव

ड्रोन तकनीक की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि यह कम समय में खेत के बड़े हिस्से में छिड़काव करने में सक्षम है। ड्रोन को निर्धारित क्षेत्र के अनुसार संचालित किया जा सकता है, जिससे दवा का छिड़काव व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।

खरपतवार फसलों के विकास में बाधा डालते हैं और खेत में उपलब्ध पानी, पोषक तत्व तथा अन्य संसाधनों के लिए फसल के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। ऐसे में समय पर खरपतवार नियंत्रण किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। ड्रोन के माध्यम से खरपतवार नाशक के छिड़काव से इस कार्य को तकनीकी सहायता मिली है।

किसानों के लिए श्रम और समय की बचत

पारंपरिक तरीके से खेतों में दवा का छिड़काव करने में किसानों या श्रमिकों को खेत के भीतर जाकर काम करना पड़ता है। इसमें समय और मेहनत दोनों अधिक लग सकते हैं। ड्रोन तकनीक के उपयोग से किसान को खेत में कम आवाजाही करनी पड़ती है और छिड़काव की प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज हो जाती है।

कृषि में मजदूरों की उपलब्धता कई बार किसानों के लिए चुनौती बन जाती है। ऐसे समय में ड्रोन जैसी तकनीक खेती के काम को आसान बनाने में सहायक हो सकती है। खासकर बड़े क्षेत्र में एक साथ छिड़काव की आवश्यकता होने पर इसका उपयोग उपयोगी साबित हो सकता है।

आधुनिक खेती की ओर बढ़ता कदम

बलौदाबाजार में शुरू की गई यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल केवल खरपतवार नाशक के छिड़काव तक सीमित नहीं है। भविष्य में इसका उपयोग फसल निगरानी, कीट एवं रोग प्रबंधन, पोषक तत्वों के छिड़काव और खेतों की स्थिति का आकलन जैसे कार्यों में भी किया जा सकता है।

हालांकि कृषि रसायनों का उपयोग हमेशा अनुशंसित मात्रा, फसल और मौसम की स्थिति तथा विशेषज्ञों के निर्देशों के अनुसार किया जाना जरूरी है। ड्रोन से छिड़काव के दौरान भी सुरक्षा मानकों का पालन और प्रशिक्षित ऑपरेटर की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

किसानों को तकनीक से जोड़ने पर जोर

कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने का उद्देश्य खेती को अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है। बलौदाबाजार में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रोन से खरपतवार नाशक का छिड़काव इसी दिशा में एक प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है।

यदि ऐसी तकनीक का व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से विस्तार होता है, तो आने वाले समय में किसानों को खेती के विभिन्न चरणों में इसका लाभ मिल सकता है। ड्रोन तकनीक के खेतों तक पहुंचने से बलौदाबाजार में पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक का नया मेल देखने को मिल रहा है।

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