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हापुड़ में बोतलबंद पानी पर सवाल: जांच में मिला ई. कोलाई बैक्टीरिया, चार फैक्टरियों के पांच नमूने फेल…

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बोतलबंद पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है और प्लांटों के नमूने फेल हुए हैं। 

by desk

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बोतलबंद पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है और प्लांटों के नमूने फेल हुए हैं।

कब और कहां हुई जांच

23 और 24 जून को लखनऊ व अन्य जिलों से आई खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने धौलाना के यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्टरियों में जांच की। इस दौरान अलग-अलग कंपनियों से करीब 20 नमूने लिए गए। चार फैक्टरियों के प्लांटों से लिए गए इन नमूनों में पांच मानकों पर खरे नहीं उतरे। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि अभियान में लिए गए नमूनों में से पांच फेल हुए।

ई. कोलाई कितना खतरनाक

अधिकारियों के अनुसार कुछ नमूनों में ई. कोलाई बैक्टीरिया मिला है। यह गंदे पानी से आता है और सीवेज, खेतों से निकले पानी या गंदे पानी के रिसाव के जरिए पीने के पानी के स्रोतों तक पहुंच सकता है। अमर उजाला की रिपोर्ट में एक जनरल फिजिशियन के हवाले से कहा गया है कि इससे पेट में संक्रमण हो सकता है।

आपूर्ति का दायरा

रिपोर्ट के मुताबिक इन फैक्टरियों से लाखों लीटर बोतलबंद पानी कई प्रदेशों में सप्लाई होता है। यही वजह है कि यह खबर सिर्फ हापुड़ तक सीमित नहीं मानी जा रही।

पहले भी फेल हुए थे नमूने

रिपोर्ट के शीर्षक में कहा गया है कि इससे पहले भी हापुड़ के नमूने अधोमानक पाए गए थे। पहले हुई एक जांच में 12 कंपनियों से 16 नमूने लिए गए थे, जिनमें से पांच फेल हुए थे। फरवरी की एक रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में लिए गए पांच नमूने फेल आने पर विभाग ने चार कंपनियों के लाइसेंस निरस्त किए और पांचवीं कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए केंद्र से संस्तुति की। सभी कंपनियां धौलाना की थीं।

प्रदेशव्यापी तस्वीर

एक अन्य रिपोर्ट में पूरे प्रदेश की स्थिति सामने आई है। इसके अनुसार पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर और पैक्ड मिनरल वॉटर की 57 फर्मों के नमूनों में हानिकारक सूक्ष्मजीव मिले। FSDA आयुक्त ने उनके लाइसेंस सस्पेंड कर उत्पादन बंद करने के निर्देश दिए। असुरक्षित नमूने 39 जिलों से आए, जिनमें गाजियाबाद और हापुड़ में चार-चार नमूने थे। विभाग ने कुल 242 नमूने जांच के लिए भेजे थे, जिनमें से 146 अधोमानक पाए गए। इन आंकड़ों की तारीख और हापुड़ की ताजा रिपोर्ट के आंकड़े अलग-अलग जांचों के हैं, इसलिए इन्हें सीधे जोड़कर नहीं पढ़ना चाहिए। [UP की 57 पानी कंपनियों के सैंपल असुरक्षित, FSDA ने लाइसेंस किए सस्पेंड, उत्पादन पर रोक

उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी है कि बोतल पर FSSAI लाइसेंस नंबर और आईएसआई मार्क देखें। हापुड़ की ताजा रिपोर्ट में संबंधित कंपनियों के नाम और आगे की कार्रवाई का ब्योरा नहीं दिया गया है।

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