ब्राजील। आधुनिक विश्व के नए 7 अजूबों में शामिल क्राइस्ट द रिडीमर (Christ the Redeemer) ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर में स्थित ईसा मसीह की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा अपनी फैली हुई बाहों और विशाल आकार के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसे ब्राजील और रियो डी जेनेरियो की सबसे प्रमुख पहचान माना जाता है।
क्राइस्ट द रिडीमर कहाँ स्थित है?
यह प्रतिमा ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर में कोरकोवाडो पर्वत की चोटी पर स्थित है। यहां से पूरे शहर का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
इसका निर्माण कब हुआ था?
क्राइस्ट द रिडीमर का निर्माण वर्ष 1922 में शुरू हुआ और इसे वर्ष 1931 में पूरा किया गया। करीब नौ वर्षों में इस विशाल प्रतिमा का निर्माण हुआ। इसका उद्घाटन 12 अक्टूबर 1931 को किया गया था।
इसे किसने बनवाया और बनाया?
इस प्रतिमा की डिजाइन ब्राजील के इंजीनियर हीटर दा सिल्वा कोस्टा ने तैयार की थी। प्रसिद्ध फ्रांसीसी मूर्तिकार पॉल लैंडोव्स्की ने प्रतिमा के कलात्मक निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके चेहरे का निर्माण रोमानियाई कलाकार जॉर्ज लियोनिडा ने किया था।
क्राइस्ट द रिडीमर नाम क्यों दिया गया?
इस प्रतिमा को ईसा मसीह के रूप में बनाया गया है। अंग्रेजी में Christ the Redeemer का अर्थ होता है मुक्तिदाता मसीह। इसे धार्मिक आस्था, शांति और मानवता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
प्रतिमा की दोनों बाहें फैली हुई हैं, जो लोगों का स्वागत करने और मानवता को अपनाने का संदेश देती हैं।
प्रतिमा कितनी बड़ी है?
क्राइस्ट द रिडीमर की मुख्य प्रतिमा लगभग 30 मीटर ऊंची है, जबकि इसका आधार लगभग 8 मीटर ऊंचा है। इस तरह इसकी कुल ऊंचाई लगभग 38 मीटर है। प्रतिमा की दोनों बाहों का फैलाव लगभग 28 मीटर है और इसका वजन लगभग 635 टन बताया जाता है।
इसे बनाने में किन चीजों का इस्तेमाल हुआ?
इस विशाल प्रतिमा को मुख्य रूप से प्रबलित कंक्रीट और सोपस्टोन यानी साबुन पत्थर से बनाया गया है। सोपस्टोन का उपयोग प्रतिमा की बाहरी सतह पर किया गया, जिससे इसे मजबूती और आकर्षक स्वरूप मिला।
इसे दुनिया के 7 अजूबों में कब शामिल किया गया?
वर्ष 2007 में आयोजित वैश्विक मतदान के बाद क्राइस्ट द रिडीमर को आधुनिक विश्व के नए 7 अजूबों में शामिल किया गया। New7Wonders अभियान के तहत दुनिया भर के लोगों ने मतदान किया था।
इसे दुनिया का अजूबा क्यों माना गया?
क्राइस्ट द रिडीमर को दुनिया के अजूबों में शामिल करने के पीछे कई कारण हैं। यह प्रतिमा विशाल आकार, अद्भुत इंजीनियरिंग और कलात्मक निर्माण का शानदार उदाहरण है। पहाड़ की ऊंची चोटी पर इतनी विशाल प्रतिमा का निर्माण अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी।
इसके अलावा, यह प्रतिमा केवल एक ऐतिहासिक संरचना नहीं बल्कि ब्राजील की संस्कृति, पहचान और धार्मिक आस्था का भी महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुकी है।
क्राइस्ट द रिडीमर से जुड़ी खास बात
यह प्रतिमा कोरकोवाडो पर्वत पर स्थित होने के कारण रियो डी जेनेरियो शहर के कई हिस्सों से दिखाई देती है। फैली हुई बाहों वाली ईसा मसीह की यह प्रतिमा आज दुनिया की सबसे प्रसिद्ध मूर्तियों में गिनी जाती है।
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