रायपुर। देश के प्रमुख महानगरों में बढ़ता वायु प्रदूषण एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। 27 अक्टूबर 2026 को सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता को दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की टॉप-10 सूची में भारत के तीन महानगर शामिल हैं।
कोलकाता में प्रदूषण को लेकर बढ़ी चिंता
कोलकाता देश के प्रमुख व्यावसायिक और आबादी वाले शहरों में शामिल है। यहां वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियां वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से आम लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
टॉप-10 प्रदूषित शहरों में भारत के तीन महानगर
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में तीन भारतीय महानगरों को जगह मिली है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अन्य दो शहरों के नाम, उनकी रैंकिंग और संबंधित एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए इन शहरों के नाम और प्रदूषण के स्तर की पुष्टि आधिकारिक आंकड़ों से किया जाना जरूरी है।
वायु प्रदूषण से बचाव क्यों जरूरी?
वायु प्रदूषण का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर अधिक पड़ सकता है। प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर बाहर व्यायाम करने से बचना, स्थानीय AQI की जानकारी लेना और जरूरत के अनुसार सावधानी बरतना उपयोगी हो सकता है।
प्रदूषण के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी
किसी शहर को दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बताने के लिए रिपोर्ट का समय, मापने का स्थान और AQI या PM2.5 के आंकड़े महत्वपूर्ण होते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर कोलकाता की रैंकिंग और टॉप-10 में शामिल तीनों भारतीय शहरों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।