मौसम विभाग (IMD) की 8 सितंबर 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में देश के करीब 90% हिस्से में बादलों की कमी दिखाई दे रही है। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में आसमान अपेक्षाकृत साफ नजर आ रहा है। मौसम विशेषज्ञ इसे मानसून की गतिविधियों में कमी का संकेत मान रहे हैं। हालांकि, मानसून की आधिकारिक वापसी अभी शुरू नहीं हुई है।
बिहार में बाढ़ से 27 लाख लोग प्रभावित
बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई नदियां उफान पर हैं। राज्य के 13 जिलों में करीब 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। बाढ़ के कारण अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में पानी गांवों और बस्तियों तक पहुंच गया है।
अंबोली में चेरापूंजी से ज्यादा बारिश
महाराष्ट्र के अंबोली में इस मानसून बेहद ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। IMD के मुताबिक, अगस्त तक यहां 250 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। सितंबर तक बारिश का आंकड़ा 400 इंच तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
कई राज्यों में बारिश और बाढ़ का असर
उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है और दो दिनों में छह पक्के मकान नदी में समा गए।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश के कारण लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ है।
वहीं मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 31.1 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य मौसमी कोटे का करीब 83.5% है। राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर है, लेकिन कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में फिर सक्रिय होने की संभावना है।