महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने 1 अक्टूबर 2026 से मुंबई और आसपास के इलाक़ों में CNG की क़ीमत ₹1 प्रति किलो बढ़ाकर ₹89 कर दी है। नया रेट 30 सितंबर की आधी रात से लागू हुआ। कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू गैस और आयातित RLNG की लागत बढ़ी है और इस बढ़ोतरी से वह लागत का एक हिस्सा संतुलित करना चाहती है।
पाँचवीं बढ़ोतरी
यह इस साल की पाँचवीं बढ़ोतरी है। सितंबर में क़ीमत ₹2 बढ़कर ₹88 हुई थी, उससे पहले मई में ₹86 हुई थी। साल की शुरुआत में CNG ₹80.50 प्रति किलो थी। यानी कुछ महीनों में क़रीब ₹8.50 प्रति किलो का इज़ाफ़ा हो चुका है। MGL के मुताबिक़ CNG की बढ़ती माँग का बड़ा हिस्सा स्पॉट RLNG से पूरा हो रहा है। कंपनी का कहना है कि वह गैस ख़रीद को बेहतर करने के तरीक़े तलाशती रहेगी।
किन पर असर
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के क़रीब 12.93 लाख वाहन प्रभावित होंगे, जिनमें टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, बसें और निजी गाड़ियाँ शामिल हैं। ऑटो और टैक्सी चालकों पर लागत का दबाव बढ़ा है और सवाल उठ रहा है कि क्या इसके बाद किराया बढ़ेगा।
एंट्री पॉइंट पर टोल भी बढ़ा
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने 1 अक्टूबर से मुंबई के पाँच एंट्री पॉइंट, यानी ऐरोली, मुलुंड (LBS मार्ग), मुलुंड (ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे), दहिसर और वाशी पर कमर्शियल वाहनों का टोल बढ़ाया। मिनी बस और हल्के कमर्शियल वाहन अब ₹90 प्रति फेरा देंगे (पहले ₹75), बसें और ट्रक ₹180 (पहले ₹150), जबकि भारी मोटर वाहनों पर ₹225 लगेगा।
किसे राहत
निजी कार, SUV, सार्वजनिक बसें, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी इस टोल से मुक्त हैं। यानी आम निजी वाहन चालकों पर टोल का सीधा असर नहीं है, लेकिन माल ढुलाई महँगी होने से सब्ज़ी, फल और रोज़मर्रा की चीज़ें महँगी होने की आशंका जताई गई है।
विरोध और छूट
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने बढ़ोतरी का विरोध किया है और भारी कमर्शियल वाहनों के लिए पूरी टोल छूट माँगी है। MSRDC ने कमर्शियल ऑपरेटरों के लिए रियायती एडवांस टोल कूपन की सुविधा दी है। इन पाँच एंट्री पॉइंट का 16 साल का ठेका (₹2,100 करोड़) 2026 में ख़त्म होना है।
आगे क्या
अगर CNG के दाम और बढ़ते हैं तो ऑटो-टैक्सी किराया समीक्षा की माँग तेज़ हो सकती है। टोल की रक़म पर अंतिम आँकड़े MSRDC की आधिकारिक अधिसूचना से मिला लें।