CBDT ने Income-tax (Fifth Amendment) Rules, 2026 अधिसूचित किए हैं। ये 22 सितंबर को जारी हुए और 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। इनके तहत NRI से अचल संपत्ति ख़रीदने वाला रिहायशी व्यक्ति या HUF अब TDS काटने और जमा करने के लिए अपने PAN का इस्तेमाल कर सकेगा। उसे TAN लेने की ज़रूरत नहीं होगी। पहले 30 सितंबर 2026 तक आम तौर पर TAN ज़रूरी था।
कौन सा फ़ॉर्म, कौन सी धारा
यह व्यवस्था Income-tax Act, 2025 की धारा 393(2) के तहत है। इसके लिए Form 141 का दायरा बढ़ाकर उसमें Schedule E जोड़ा गया है। एक लेन-देन के लिए एक ही फ़ॉर्म से भुगतान और रिपोर्टिंग हो जाएगी।
फ़ॉर्म में क्या जानकारी देनी होगी
ख़रीदार को संपत्ति का पता और प्रकार, ख़रीदारों के नाम और PAN, और हर ख़रीदार का बिक्री मूल्य में हिस्सा बताना होगा। NRI विक्रेता के लिए नाम, उपलब्ध होने पर PAN, स्थिति, संपर्क नंबर, ईमेल और विदेशी पता देना होगा।
TDS दर और ज़िम्मेदारी
दरें नहीं बदली हैं। दीर्घकालिक पूँजीगत लाभ पर 12.5% और अल्पकालिक लाभ पर स्लैब दर से TDS कटता है, और यह पूरी बिक्री क़ीमत पर लगता है, सिर्फ़ मुनाफ़े पर नहीं। TDS काटने, जमा करने और सही रिपोर्ट करने की ज़िम्मेदारी ख़रीदार पर बनी रहेगी। बदलाव सिर्फ़ प्रक्रिया का है।
किसे राहत नहीं
यह राहत सिर्फ़ रिहायशी व्यक्ति और HUF ख़रीदारों के लिए है। कंपनियों, LLP और फ़र्मों को अब भी TAN चाहिए। जो सौदा 1 अक्टूबर से पहले पूरा हो रहा है, उसमें भी TAN ज़रूरी रहेगा।