रायपुर : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संचालित जेरियाट्रिक यूनिट (Geriatric Unit) द्वारा वृद्धजनों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ एवं गरिमापूर्ण वृद्धावस्था को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जागरूकता एवं स्वास्थ्य परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. देवप्रिया लकड़ा, डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा एवं अन्य चिकित्सकों तथा मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से आमजन से अपील की गई कि वे अपने परिवार एवं समाज के वृद्ध सदस्यों के स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान दें और उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को केवल “बुढ़ापे का सामान्य हिस्सा” मानकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच, उचित उपचार, स्वस्थ जीवनशैली और परिवार का सहयोग वृद्धजनों को बेहतर एवं गरिमापूर्ण जीवन जीने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. (प्रो.) योगेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि वृद्धावस्था कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक स्वाभाविक चरण है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते हैं, जिन्हें समझना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से वृद्धजनों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है तथा उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गठिया, दृष्टि एवं श्रवण संबंधी समस्याओं के साथ-साथ स्मृति एवं मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, चलने-फिरने में कठिनाई तथा गिरने जैसी समस्याएं अधिक महत्वपूर्ण हो जाती हैं। इसलिए वृद्धजनों के स्वास्थ्य का आकलन केवल किसी एक बीमारी के आधार पर नहीं, बल्कि उनके संपूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
डॉ. मल्होत्रा ने कहा कि “स्वस्थ वृद्धावस्था का अर्थ केवल बीमारी से मुक्त रहना नहीं है, बल्कि व्यक्ति का अपनी दैनिक गतिविधियां यथासंभव स्वयं करना, सामाजिक रूप से सक्रिय रहना और सम्मान एवं आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना भी है।” इसके लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार, उम्र और स्वास्थ्य के अनुरूप नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, मानसिक एवं सामाजिक सक्रियता तथा दवाओं की समय-समय पर चिकित्सकीय समीक्षा आवश्यक है।
ओपीडी में बुजुर्ग मरीजों के लिए नेत्र जांच, कान नाक गला जांच, बीएमडी इत्यादि जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किये गए। इस अवसर पर डॉ. प्राची दुबे, डॉ. हिमेश्वरी वर्मा, डॉ. वेणुगोपाल मांगरेकर, डॉ. मंजूनाथ जी.के., डॉ. अंकित शर्मा और डॉ. ज्योति बंजारे भी जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बने।
वृद्धावस्था में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की नियमित देखभाल और समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि अम्बेडकर अस्पताल में बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से जेरियाट्रिक (Geriatric) ओपीडी का संचालन नियमित तौर पर किया जा रहा है। उन्हें सम्मानजनक और सहज वातावरण उपलब्ध कराना हम सबकी प्राथमिकता है।
डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल
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