आज से नवरात्रि शुरू, जानिए मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का महत्व…

रायपुर। आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। देशभर में मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों तक शक्ति की उपासना करेंगे। इस अवसर पर घरों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारी की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि शक्ति, भक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक है।

घटस्थापना से होगी नवरात्रि की शुरुआत

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान करते हैं। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की जाती है और नौ दिनों तक व्रत, मंत्र जाप तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है।

घटस्थापना का मुहूर्त हर साल पंचांग और स्थानीय समय के अनुसार निर्धारित होता है। इसलिए पूजा करने से पहले स्थानीय पंचांग में मुहूर्त की पुष्टि करना उचित है।

नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा

नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की आराधना की जाती है।

– पहला दिन: मां शैलपुत्री

– दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी

– तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा

– चौथा दिन: मां कूष्मांडा

– पांचवां दिन: मां स्कंदमाता

– छठा दिन: मां कात्यायनी

– सातवां दिन: मां कालरात्रि

– आठवां दिन: मां महागौरी

– नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री

भक्त इन नौ दिनों में मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

मंदिरों और पंडालों में दिखेगी रौनक

नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। शाम के समय गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक कार्यक्रम भी उत्सव का आकर्षण बनते हैं। छत्तीसगढ़ में भी नवरात्रि के दौरान मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है।

व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्रि में कई लोग नौ दिनों तक व्रत रखते हैं, जबकि कुछ भक्त पहले और आखिरी दिन उपवास करते हैं। व्रत के दौरान फल, दूध, साबूदाना और कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार खाए जाते हैं।

व्रत रखने वाले लोगों को पर्याप्त पानी पीना चाहिए और अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। बच्चों, गर्भवती महिलाओं या किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को उपवास करने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

आस्था और शक्ति का पर्व है नवरात्रि

नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि आत्मसंयम, भक्ति और नई शुरुआत का प्रतीक भी है। भक्त मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना करते हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के बाद विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है।

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