भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में शानदार तेजी देखने को मिली। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसलों से पहले निवेशकों में सकारात्मक रुझान नजर आया। बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24,600 के स्तर को पार कर गया।
सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 483.53 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,912.48 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 24.90 अंक की बढ़त के साथ 24,639.80 अंक पर पहुंच गया।
रुपये में भी मजबूती
शेयर बाजार की तेजी के बीच भारतीय रुपये ने भी मजबूती दिखाई। डॉलर के मुकाबले रुपया 8 जुलाई के बाद पहली बार 95 के नीचे खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया 94.92 के स्तर पर पहुंच गया।
इंडिगो समेत कई बड़े शेयरों में तेजी
सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही।
इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, एसबीआई और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर टाइटन, सन फार्मा, टीसीएस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एचडीएफसी बैंक के शेयर दबाव में रहे।
ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी
बाजार के व्यापक हिस्से में भी सकारात्मक माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप में करीब 0.32 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.72 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त रही। इसके अलावा ऑटो और पीएसयू बैंक सेक्टर के शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली।
बाजार में तेजी की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी बाजार में रिकॉर्ड क्लोजिंग और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, बाजार की नजर अब आरबीआई की मौद्रिक नीति और केंद्रीय बैंक के रुख पर रहेगी।
उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक विकास, कंपनियों के मुनाफे में सुधार और विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार खरीदारी बाजार के लिए अच्छे संकेत हैं।
निवेशकों की नजर RBI के फैसले पर
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के फैसले से बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है। निवेशक ब्याज दरों, महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर केंद्रीय बैंक के संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।