छत्तीसगढ़ में 11 से 15 अगस्त तक चलेगा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, बस्तर के 92 गांवों में पहली बार लहराएगा राष्ट्रीय ध्वज

रायपुर । छत्तीसगढ़ में 11 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलेगा। बस्तर के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के 92 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। 2 हजार से अधिक आत्मसमर्पित माओवादी भी तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को बस्तर के उन दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों तक ले जाने की तैयारी है, जो लंबे समय तक माओवादी हिंसा से प्रभावित रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से 11 से 15 अगस्त तक राज्यभर में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। अभियान की जिम्मेदारी भारतीय जनता युवा मोर्चा को दी गई है।

इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बस्तर संभाग के वे गांव होंगे, जहां लंबे समय से माओवादी प्रभाव के कारण राष्ट्रीय ध्वज फहराने की स्थिति नहीं बन पाई थी। इस वर्ष बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराने की तैयारी है।

बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के अनुसार, बीजापुर के 33 गांव, सुकमा के 50 गांव और नारायणपुर के 9 गांव इस अभियान में विशेष रूप से शामिल किए गए हैं। इनमें पूवर्ती, सिलगेर और दरभा जैसे माओवादी प्रभाव वाले संवेदनशील क्षेत्रों को भी अभियान से जोड़ने की योजना है।

सरकार का उद्देश्य इन इलाकों में शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करना तथा ग्रामीणों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना है। अभियान के माध्यम से इन क्षेत्रों की पहचान को माओवादी हिंसा से आगे बढ़ाकर विकास और लोकतांत्रिक भागीदारी से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा।

2 हजार से अधिक आत्मसमर्पित माओवादी भी होंगे शामिल

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके 2 हजार से अधिक पूर्व माओवादी भी तिरंगा यात्राओं में शामिल होंगे। इसके जरिए सरकार शांति, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने की तैयारी कर रही है।

बस्तर में तिरंगा यात्राओं के साथ-साथ माओवादी उन्मूलन अभियान में बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों का सम्मान भी किया जाएगा। भाजपा युवा मोर्चा और पार्टी कार्यकर्ता शहीद जवानों के स्वजन के घर पहुंचकर उन्हें तिरंगा भेंट कर रहे हैं।

500 से अधिक स्कूलों और प्रमुख स्थानों का होगा नामकरण

15 अगस्त के अवसर पर बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण माओवादी उन्मूलन अभियान में बलिदान देने वाले वीर जवानों के नाम पर किए जाने की योजना है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह अभियान राष्ट्र निर्माताओं और देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम बनेगा। उनके अनुसार, वर्ष 2022 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान युवाओं को राष्ट्रभक्ति से जोड़ने और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का प्रयास है।

10 अगस्त को रायपुर से होगी शुरुआत

राज्य में अभियान का औपचारिक आगाज 10 अगस्त को रायपुर के मरीन ड्राइव से सुबह 10 बजे किया जाएगा। इस दौरान भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।

इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधि, छात्र, एनसीसी कैडेट, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी और विभिन्न समाजों के लोग शामिल होंगे। यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा और स्थानीय वाद्य यंत्रों के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता भी दिखाई जाएगी।

राज्य की 450 से अधिक भाजपा मंडल इकाइयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखंड मुख्यालयों में भी तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी।

डिजिटल तिरंगा अभियान से जुड़ेंगे नागरिक

अभियान को सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी है। नागरिकों से अपने घरों और संस्थानों पर तिरंगा फहराने तथा उसकी तस्वीरें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा करने की अपील की जा रही है।

इस वर्ष बस्तर के उन दुर्गम इलाकों में तिरंगा फहराने की पहल को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जहां लंबे समय तक माओवादी हिंसा के कारण राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन चुनौतीपूर्ण रहा। सरकार इसे शांति बहाली, लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के संदेश से जोड़कर देख रही है।

Related posts

8 अगस्त की टॉप ब्रेकिंग news

“Fortune सनफ्लावर ऑयल पर FSSAI का शिकंजा, लैब टेस्ट में फेल हुआ सैंपल; Vitamin D की कमी मिली…

सलमान खान के घर की सुरक्षा में तैनात जवान की मौत, अचानक बिगड़ी थी तबीयत…