7 दिन तक अस्पताल के काम से रहेंगी दूर: PG डॉक्टर प्रताड़ना मामले में दो सीनियर छात्राएं निलंबित

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एमटीएच अस्पताल में पीजी डॉक्टर को कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के मामले में डीन कार्यालय ने कार्रवाई की है। स्टूडेंट ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी (SGRC) की जांच रिपोर्ट के बाद स्त्री रोग विभाग की दो सीनियर पीजी छात्राओं को सात दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों छात्राएं अस्पताल की क्लीनिकल, अकादमिक और विभागीय गतिविधियों में शामिल नहीं होंगी।

डॉ. सिम्मी यादव की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामला स्त्री रोग विभाग की पीजी रेसिडेंट डॉ. सिम्मी यादव से जुड़ा है। उनके द्वारा सीनियर छात्राओं के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत की गई थी। शिकायत सामने आने के बाद इसे स्टूडेंट ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी के समक्ष रखा गया।

कमेटी ने शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट डीन कार्यालय को सौंपी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संस्थान की ओर से दोनों आरोपी छात्राओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

डॉ. निकिता और डॉ. श्वेता पर सात दिन की कार्रवाई

मामले में स्त्री रोग विभाग की पीजी रेसिडेंट डॉ. निकिता गुरवानी और डॉ. श्वेता रघुवंशी को सात दिनों के लिए निलंबित किया गया है।

डीन कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि में दोनों छात्राओं को क्लीनिकल और अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ विभागीय जिम्मेदारियों से भी अलग रखा जाएगा। आदेश 6 अक्टूबर को जारी किया गया और तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।

अस्पताल के नियमित कार्यों से रहेंगी दूर

सात दिनों की निलंबन अवधि के दौरान दोनों सीनियर छात्राएं अस्पताल के नियमित कार्यों में हिस्सा नहीं लेंगी। उन्हें क्लीनिकल ड्यूटी, अकादमिक गतिविधियों और विभाग से संबंधित जिम्मेदारियों से अलग रखा गया है।

यह कार्रवाई संस्थान में पीजी छात्रों के बीच अनुशासन बनाए रखने और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

जांच के बाद ही लिया गया फैसला

अस्पताल प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने के बाद सीधे कार्रवाई करने के बजाय मामले को स्टूडेंट ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी के पास भेजा गया था। कमेटी की जांच और रिपोर्ट के बाद डीन कार्यालय ने दोनों छात्राओं के खिलाफ निलंबन का आदेश जारी किया।

मामले में सात दिनों की कार्रवाई के बाद संस्थान स्तर पर आगे की स्थिति क्या रहती है, यह संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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