विजयादशमी सत्य और धर्म की जीत का संदेश देती है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रायपुर में रावण दहन के साथ मनाया गया पर्व….

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विजयादशमी केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित विजयादशमी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हजारों लोगों की मौजूदगी और जय श्रीराम के जयकारों के बीच धनुष-बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से गहरा नाता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। यह धरती माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने माता सीता और लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के वनांचलों में समय बिताया था। यही वजह है कि भगवान श्रीराम प्रदेश की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में विशेष स्थान रखते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। उनके आदर्शों का वास्तविक अनुसरण तभी संभव है, जब व्यक्ति सत्य और न्याय के पक्ष में खड़ा हो, जरूरतमंदों की सहायता करे और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे।

डब्ल्यूआरएस मैदान में पांच दशक से अधिक पुरानी परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पांच दशकों से अधिक समय से विजयादशमी उत्सव की गौरवशाली परंपरा का साक्षी रहा है। यहां हर साल रावण दहन के माध्यम से अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह पर्व नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिकता और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

रावण दहन से मिलता है अधर्म के अंत का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी महत्वपूर्ण संदेश देता है। कोई व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, यदि वह अन्याय और अधर्म का साथ देता है, तो अंततः उसे अपने कर्मों के परिणाम का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने वनवासियों और वानर सेना को साथ लेकर रावण जैसी शक्तिशाली सेना का सामना किया। यह प्रसंग बताता है कि बाहुबल और संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण सत्य, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास हैं।

ऑपरेशन सिंदूर का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति देश की दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विश्वास, विकास और खुशहाली का वातावरण बनाने तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।

श्रीरामलला दर्शन योजना से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को देश के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन का अवसर मिला है। राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक आस्था, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही है।

समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्य, न्याय, सद्भाव, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलकर ही शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, जयंती भाई पटेल, सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी सहित समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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