रायपुर : महिला उत्थान के लिए प्रयास, न्याय, सुरक्षा, आत्मनिर्भर बनाने और महिला उत्पीड़न पर अंकुश की दिशा में सखी वन स्टॉप सेंटर महासमुंद निरंतर कार्य कर रही है। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए 24 घंटे एक सजग प्रहरी बनकर सखी सेंटर तैनात है। सखी सेंटर के प्रारंभ वर्ष 2017 से 2026 में अब तक जिले में कुल 1425 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1402 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका।
सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा कई प्रकरणो का सफलतापूर्वक कार्यवाही किया गया उनमें से एक प्रकरण में महिला की सोशल मीडिया पर आपतिजनक वीडियो एवं फोटो वायरल होने से मानसिक रूप से परेशान और भयभीत थी। प्रारंभ में उसने स्थानीय स्तर पर सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, तब उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर प्रकरण दर्ज कराई।
सेंटर के टीम ने महिला से प्रकरण की जानकारी ली और तत्काल संवेदनशीलता के साथ काऊंसीलिंग, कानूनी जानकारी एवं पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। सेंटर के माध्यम से संबंधित पुलिस थाना, साइबर सेल एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत कराया गया। प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर गिरफतारी की और सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री हटाने एवं उसके प्रसार को रोकने की कार्रवाई की। सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा महिला की वर्तमान स्थिति की जानकारी फॉलोअप में ली जा रही है त्वरित रूप से महिला को आवश्यक कानूनी एवं पुलिस सहयोग प्राप्त हुआ और वह सुरक्षित अपने घर पर है।
दरअसल में महिला ने सखी वन स्टॉप सेंटर में उपस्थित होकर फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने संबंधी शिकायत दर्ज कराई। प्रकरण प्राप्त होने के बाद सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा तत्काल काउंसलिंग एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। सेंटर के माध्यम से पुलिस अधीक्षक, थाना एवं साइबर थाना में शिकायत हेतु आवेदन तैयार कर साइबर सेल की सहयोग से फोटो एवं वीडियो को आगे प्रसारित होने से रोकने की कार्रवाई और काउंसलिंग की गई। सखी वन स्टॉप सेंटर महासमुंद के परामर्श, समन्वय एवं त्वरित सहयोग से प्रकरण का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ। संबंधित व्यक्ति ने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने का आश्वासन दिया। महिला एवं उसके परिजनों ने सखी वन स्टॉप सेंटर के प्रति आभार व्यक्त किया। सखी वन स्टॉप सेंटर संकट की घड़ी में महिलाओं के लिए सहयोग, सुरक्षा और न्याय की दिशा में मजबूत सहारा बनकर उभरी है।
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