सब्सिडी वाले सिलेंडर रिफिल पाते रहने के लिए 1 अक्टूबर 2026 तक बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) पूरा करना होगा।
किसे करना है और किसे नहीं
19 सितंबर तक देश के करीब 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू उपभोक्ताओं में से 89.9% यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जिन्होंने यह करवा लिया है, उन्हें कुछ और करने की जरूरत नहीं है। वे पहले की तरह बुकिंग करते रहें। पहले से पूरी कर चुके लोगों को दोबारा नहीं करना है।
न करने पर क्या होगा
सिलेंडर मिलता रहेगा, लेकिन सब्सिडी नहीं मिलेगी और बाजार भाव देना होगा। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसे उपभोक्ताओं को सिर्फ 5 या 10 किलो के सिलेंडर मिलेंगे, जो उपलब्धता पर निर्भर करेगा। हैदराबाद का उदाहरण दिया जा रहा है, जहां 5 किलो का सिलेंडर ₹829.50 का होगा, जबकि सब्सिडी वाला 14.2 किलो का ₹994 का है।
कैसे करें BAA
यह प्रक्रिया सिलेंडर डिलीवरी के समय या LPG डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर हो सकती है। मोबाइल ऐप से भी कर सकते हैं: इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP गैस के लिए HP PAY। मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 2333 555 है।
जो करवाना नहीं चाहते
जो उपभोक्ता ऑथेंटिकेशन नहीं करवाना चाहते, वे तेल कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पसंद दर्ज करा सकते हैं। उन्हें सब्सिडी नहीं मिलेगी।
उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए
PMUY लाभार्थियों और बिना सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं को साल में एक बार बायोमेट्रिक सत्यापन करवाना होता है, तभी आठवें और नौवें रिफिल पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
बार-बार बढ़ी तारीख
सरकार यह समय-सीमा 30 जून से कई बार बढ़ा चुकी है। इसे 31 जुलाई, फिर अगस्त और सितंबर की अलग-अलग तारीखों तक और आखिर में 14 सितंबर तक बढ़ाया गया। अब 1 अक्टूबर को अंतिम तारीख बताया गया है।
क्यों जरूरी किया गया
सरकार का कहना है कि इससे डुप्लीकेट और अपात्र कनेक्शन रुकेंगे और घरेलू LPG का कमर्शियल या औद्योगिक इस्तेमाल में डायवर्जन कम होगा।
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