Home » Blog » राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर सूरजपुर में कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा, महिलाओं को बताए आधुनिक खेती से कमाई के तरीके…

राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर सूरजपुर में कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा, महिलाओं को बताए आधुनिक खेती से कमाई के तरीके…

कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त आयोजन में उन्नत बीज, जैविक खेती, मशरूम उत्पादन और फसल विविधीकरण की मिली जानकारी; महिला किसानों ने स्वीट कॉर्न की खेती का भी किया अवलोकन।

by desk

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और खेती के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यालय उप संचालक कृषि, सूरजपुर के सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र, अजिरमा, अंबिकापुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने हिस्सा लिया।

आधुनिक खेती और स्वरोजगार के बताए गए विकल्प

परिचर्चा के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। महिला किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने तथा कृषि आधारित स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

सहायक संचालक कृषि आर.एल. भारिया ने कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कृषि आधारित लघु उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और एग्रीस्टैक पंजीयन के संबंध में जानकारी दी।

जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य पर दिया जोर

सहायक संचालक कृषि डॉ. तेजराम बंजारा ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने जैविक खेती में बीजामृत और जीवामृत तैयार करने तथा उनके उपयोग की विधियों की जानकारी भी साझा की।

कृषि विज्ञान केंद्र, अजिरमा के कृषि वैज्ञानिक पांडुराम पैकरा ने महिला किसानों को तकनीकी नवाचार, पोषण वाटिका, सब्जी उत्पादन, जैविक खाद के उपयोग और फसल विविधीकरण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने ऑयस्टर और बटन मशरूम उत्पादन की तकनीकों के साथ कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने महिला किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र का भ्रमण करने के लिए आमंत्रित किया।

बीज चयन से फसल कटाई तक समझाईं वैज्ञानिक विधियां

कार्यक्रम में लीलाधर साहू और डॉ. विवेक कुमार शांडिल्य ने उन्नत बीजों के चयन, बुवाई, रोपाई, खरपतवार नियंत्रण और फसल कटाई की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने पशुपालन, उद्यानिकी और औषधीय पौधों की खेती में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

स्वीट कॉर्न की खेती देखकर उत्पादन की तकनीक समझीं महिला किसान

कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा के बाद कृषि विभाग की आत्मा योजना और कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर के संयुक्त प्रयास से महिला किसानों को विकासखंड सूरजपुर के ग्राम झांसी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र में ले जाया गया। यहां उन्होंने स्वीट कॉर्न यानी मीठे मक्का की खेती के प्रदर्शन का अवलोकन किया।

कृषि विशेषज्ञों ने महिला किसानों को स्वीट कॉर्न की खेती और उत्पादन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी। साथ ही उन्हें इस फसल की खेती अपनाने और कृषि के माध्यम से आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की कृषि क्षेत्र में भागीदारी को मजबूत करना, उन्हें वैज्ञानिक खेती के तरीकों से परिचित कराना और खेती के साथ आय के नए विकल्पों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

Read more:-सिपाही भर्ती 2025: “नाम-टाइटल से जाति तय न करें”, भर्ती बोर्ड की चेतावनी; अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई…

You may also like