कैब बुकिंग से पहले टिप का खेल खत्म, रैपिडो पर 10 लाख का जुर्माना

कैब या बाइक-टैक्सी बुक करते समय ड्राइवर को पहले से टिप देने का विकल्प अब हटाया जाएगा। केंद्र सरकार ने कैब एग्रीगेटर्स को राइड शुरू होने से पहले अग्रिम टिपिंग की व्यवस्था बंद करने का आदेश दिया है। सरकार ने इसे ग्राहकों पर अतिरिक्त भुगतान का दबाव बनाने वाली व्यवस्था माना है।

उपभोक्ता मामलों की सचिव और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की प्रमुख निधि खरे ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर ऐसी शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें यात्रियों ने आरोप लगाया कि टिप नहीं देने पर राइड मिलने में परेशानी होने का डर दिखाया जाता था।

सरकार ने साफ किया है कि टिप पूरी तरह स्वैच्छिक है और राइड का लाभ लेने के बाद ही ग्राहक अपनी इच्छा से इसे दे सकता है।

रैपिडो पर 10 लाख रुपये का जुर्माना

सीसीपीए ने रैपिडो का संचालन करने वाली कंपनी रॉपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

जांच के दौरान रैपिडो ऐप पर ऐसे संदेश पाए गए, जिनमें ग्राहकों को अधिक राशि देने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उदाहरण के तौर पर ऐप पर यह संदेश दिखाया गया कि कीमत बढ़ाने पर राइड मिलने की संभावना ज्यादा होगी। एक अन्य संदेश में ग्राहकों को 60 रुपये के बजाय 10, 20 या 30 रुपये अतिरिक्त जोड़कर दोबारा प्रयास करने के लिए कहा गया।

ऐप के एल्गोरिदम को लेकर भी उठे सवाल

सीसीपीए की जांच में रैपिडो की बुकिंग प्रक्रिया की भी पड़ताल की गई। नियामक के अनुसार, ग्राहक को पहले एक निश्चित किराया दिखाया जाता था। इसके बाद पुराने किराए पर ड्राइवर के राइड स्वीकार नहीं करने की बात कहकर अधिक भुगतान का सुझाव दिया जाता था।

सीसीपीए के मुताबिक, बुकिंग के समय दिखाई जाने वाली कीमत में दूरी, समय, ट्रैफिक, टोल और ड्राइवर के भुगतान जैसे कारकों को पहले ही शामिल किया जाता है। ऐसे में राइड शुरू होने से पहले अतिरिक्त राशि देने के लिए दबाव बनाने की व्यवस्था पर सवाल उठे।

‘डार्क पैटर्न’ के तहत कार्रवाई

सीसीपीए ने इस तरह की व्यवस्था को ‘कन्फर्म शेमिंग’ वाले डार्क पैटर्न से जोड़ा है। डार्क पैटर्न ऐसे डिजाइन या तरीके होते हैं, जिनके जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्राहक को किसी खास फैसले की ओर धकेला जाता है।

प्राधिकरण के अनुसार, राइड नहीं मिलने का डर दिखाकर ग्राहक को अतिरिक्त राशि देने के लिए प्रेरित करना उपभोक्ता के फैसले को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर रैपिडो के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

Related posts

Breaking news 16-09-2026

अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के सम्मान, जानिए क्यों मिला यह बड़ा सम्मान

विवाहित बेटी को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मुआवजे के मामले में सामने आई अहम कानूनी बात