पहाड़ों के बीच बसा रहस्यमयी शहर, माचू पिच्चू कैसे बना दुनिया का अजूबा….

पेरू। दक्षिण अमेरिका के पेरू में एंडीज पर्वतों के बीच समुद्र तल से करीब 2,430 मीटर की ऊंचाई पर बसा माचू पिच्चू आज दुनिया के सबसे रहस्यमयी और प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। पत्थरों से बना यह प्राचीन शहर अपनी अद्भुत वास्तुकला, पहाड़ी स्थान और रहस्यमयी इतिहास के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।।

माचू पिच्चू कब बनाया गया?

इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार माचू पिच्चू का निर्माण 15वीं शताब्दी के आसपास हुआ माना जाता है। इसका निर्माण इंका साम्राज्य के शक्तिशाली शासक पचाकुती इंका युपांकी (Pachacuti Inca Yupanqui) के शासनकाल से जोड़ा जाता है।

हालांकि, इसके निर्माण का सटीक उद्देश्य आज भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि माचू पिच्चू को लेकर आज भी कई ऐतिहासिक सवाल और चर्चाएं बनी हुई हैं।

किसने बनाया था?

माचू पिच्चू को इंका सभ्यता के लोगों ने बनाया था। इंका लोग दक्षिण अमेरिका में एक शक्तिशाली साम्राज्य स्थापित कर चुके थे और पत्थरों से विशाल इमारतें बनाने में बेहद कुशल थे।

यहां इस्तेमाल किए गए कई बड़े पत्थरों को इस तरह तराशकर जोड़ा गया है कि उनके बीच बहुत कम जगह दिखाई देती है। बिना आधुनिक मशीनों के इतनी कठिन पहाड़ी जगह पर ऐसी संरचना बनाना आज भी इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

माचू पिच्चू क्यों बनाया गया था?

माचू पिच्चू के वास्तविक उद्देश्य को लेकर इतिहासकारों में पूरी सहमति नहीं है। कुछ विशेषज्ञ इसे इंका शासक का शाही निवास या राजसी परिसर मानते हैं। कुछ शोध इसे धार्मिक और खगोलीय महत्व वाले स्थान से जोड़ते हैं।

यहां मंदिर, आवासीय क्षेत्र, कृषि के लिए सीढ़ीनुमा खेत, जल-प्रणाली और अन्य पत्थर की संरचनाएं मिली हैं।

पहाड़ की चोटी पर खेती कैसे होती थी?

माचू पिच्चू की सबसे खास विशेषताओं में इसकी सीढ़ीनुमा कृषि भूमि (Terraces) हैं। पहाड़ की ढलानों को काटकर सीढ़ियों जैसी संरचनाएं बनाई गई थीं।

इनका इस्तेमाल खेती के साथ-साथ मिट्टी के कटाव को रोकने और पानी के प्रबंधन में भी किया जाता था। इससे पता चलता है कि इंका लोगों को पहाड़ी इलाकों में खेती और जल प्रबंधन की अच्छी समझ थी।

माचू पिच्चू में पानी की व्यवस्था कैसी थी?

प्राचीन इंका लोगों ने यहां प्राकृतिक जलस्रोतों का उपयोग करते हुए पत्थरों से जल-प्रणाली बनाई थी। पानी को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने के लिए नहरों और जल-मार्गों का इस्तेमाल किया जाता था।

इतनी ऊंचाई और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में इस तरह की व्यवस्था बनाना इंका सभ्यता की उन्नत तकनीकी समझ को दर्शाता है।

क्या माचू पिच्चू खो गया था?

स्पेनिश विजय के दौर के बाद माचू पिच्चू लंबे समय तक बाहरी दुनिया की नजरों से लगभग दूर रहा। हालांकि स्थानीय लोगों को इसके बारे में जानकारी थी।

1911 में अमेरिकी इतिहासकार और खोजकर्ता हीरम बिंघम (Hiram Bingham) ने पश्चिमी दुनिया का ध्यान इस स्थल की ओर आकर्षित किया। इसके बाद माचू पिच्चू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध होता गया।

आधुनिक दुनिया का अजूबा कब बना?

2007 में दुनिया भर में हुई वोटिंग के बाद माचू पिच्चू को New 7 Wonders of the World यानी आधुनिक दुनिया के सात नए अजूबों में शामिल किया गया।

इसे आज इंका सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विरासतों में से एक माना जाता है।

UNESCO की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल

माचू पिच्चू को 1983 में UNESCO World Heritage Site घोषित किया गया। यह स्थल अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में शामिल है।

आखिर क्यों खास है माचू पिच्चू?

माचू पिच्चू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बेहद ऊंचे और कठिन पहाड़ी क्षेत्र में बनाया गया था। यहां की पत्थर की वास्तुकला, कृषि की सीढ़ियां, जल-प्रबंधन और इंका सभ्यता से जुड़े रहस्य इसे दुनिया के सबसे अनोखे ऐतिहासिक स्थलों में शामिल करते हैं।

पहाड़ों के बीच छिपा यह प्राचीन शहर आज भी यही सवाल छोड़ता है—आखिर इंका लोगों ने इतनी कठिन जगह पर माचू पिच्चू क्यों और किस उद्देश्य से बनाया था?

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