नागपुर में इथेनॉल मिश्रित ईंधन यानी ई20 के मुद्दे पर सोमवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
यह मार्च नागपुर के महल इलाके में स्थित चिंतामणि पार्क चौक से शुरू हुआ और गडकरी के निजी आवास तक जाना था। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ई20 ईंधन को लेकर नारेबाजी की। केंद्रीय मंत्री के घर के पास बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी और रास्ते में बैरिकेड लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि गडकरी का दावा है कि ई20 ईंधन को कई वर्षों के वैज्ञानिक परीक्षण के बाद लागू किया गया है और इससे वाहनों को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं है। लेकिन कई महीनों से उपभोक्ता और मैकेनिक कम माइलेज, इंजन की समस्या, पुराने वाहनों में तेजी से खराबी, ईंधन इंजेक्टर जाम होने और रबर के हिस्सों में दरार जैसी शिकायतें कर रहे हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गडकरी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ई20 पेट्रोल नीति को लागू करना एक बड़ा घोटाला है, जिससे लाखों वाहन मालिकों को परेशानी हुई। उन्होंने दावा किया कि ई20 को पूरे देश में लागू करने की समयसीमा 2030 से पहले कर दी गई।
यूथ कांग्रेस नेता मेहुल आडवाणी ने कहा, “हम थोपे जा रहे ई20 का विरोध करते हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।” प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि उपभोक्ताओं को बिना इथेनॉल वाले सामान्य पेट्रोल का विकल्प मिलना चाहिए।
केंद्र सरकार और नितिन गडकरी ने नीति का बचाव किया है। सरकार का तर्क है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से कच्चे तेल के आयात बिल में कटौती होती है, कार्बन उत्सर्जन घटता है और किसानों को लाभ पहुंचता है। नागपुर साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है।