नशा मुक्ति अभियान: कानून, पुलिस और समाज की जिम्मेदारी

नशा आज के समाज की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. यह केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है. नशे के कारण युवा पढ़ाई-लिखाई छोड़कर गलत रास्ते पर चले जाते हैं, अपराध बढ़ते हैं और परिवार टूट जाते हैं. नशा मुक्ति अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और नशे से मुक्त समाज बनाना है. स्कूल, कॉलेज, पंचायत और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से नुक्कड़ नाटक, रैलियां और सेमिनार आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए. परिवार की भूमिका सबसे अहम है. माता-पिता को बच्चों से दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए ताकि वे तनाव में गलत संगति न पकड़ें. नशे के आदि लोगों के लिए पुनर्वास केंद्रों में मुफ्त इलाज और काउंसलिंग की सुविधा होनी चाहिए. “नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो” यही इस अभियान का मूल मंत्र होना चाहिए. यदि हम आज नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी.

कानूनी सलाह

NDPS Act 1985: नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री, तस्करी और रखरखाव गैरकानूनी है. छोटी मात्रा में पकड़े जाने पर 6 महीने से 1 साल की सजा, और बड़ी मात्रा में 10-20 साल तक की सजा + जुर्माना हो सकता है.

नशा पीड़ित व्यक्ति अपराधी नहीं है यदि कोई खुद इलाज चाहता है तो उसे सजा नहीं दी जाती. धारा 64A के तहत कोर्ट इलाज के लिए भेज सकती है. शराब/ड्रग बेचने वालों की सूचना दें इसकी सूचना 112 या नजदीकी थाने में गुप्त रूप से दी जा सकती है. पुलिस की भूमिका क्या होनी चाहिए:
1. कड़ी कार्रवाई नशे के सप्लायर और तस्करों पर NDPS Act के तहत सख्त कार्रवाई और संपत्ति जब्त करना.
2. जागरूकता स्कूल-कॉलेज में जाकर “नशा मुक्त भारत” पर कैंप लगाना.
3. पीड़ितों की मदद नशा करने वाले को जेल भेजने के बजाय उसे नशा मुक्ति केंद्र तक पहुंचाना और परिवार से मिलवाना.
4. स्रोत पर प्रहार जिस जगह से नशा बिकता है वहां छापेमारी करके सप्लाई चेन तोड़ना।पुलिस का काम सिर्फ पकड़ना नहीं, बल्कि समाज को नशे से बचाना भी है.

जय भारत, जय छत्तीसगढ़!

– स्मिता पांडे, रायपुर, छत्तीसगढ़

 

अस्वीकरण: इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं। इससे सहमत या असहमत होना पाठकों का व्यक्तिगत अधिकार है। यह लेख जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है, यह किसी भी प्रकार की पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है।

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