रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओं को सिर्फ नौकरी पाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि अपने विचारों को उद्यम में बदलने का साहस भी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अच्छा विचार, सही मार्गदर्शन और उपयुक्त तकनीक के साथ आगे बढ़े तो वही नवाचार सफल स्टार्टअप बन सकता है और आगे चलकर कई लोगों को रोजगार दे सकता है।
राज्यपाल सोमवार, 28 सितंबर 2026 को रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवाचार, उद्यमिता विकास और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना है।
सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण
इस मौके पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में स्थापित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया। उन्होंने युवा नवाचारी उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया।
कृषि में नवाचार की बड़ी संभावनाएं
राज्यपाल ने कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार की जरूरत है और छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में इसकी व्यापक संभावनाएं हैं। देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न जरूरतें पूरी करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर राज्य के लिए बुनियादी खाद्य पदार्थों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है। जब खाद्य जरूरतें सुरक्षित होंगी, तभी विकास के दूसरे क्षेत्रों पर बेहतर ध्यान दिया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है जो किसानों की लागत घटाएं, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाएं, फसल का नुकसान कम करें और उपज का बेहतर मूल्य व बाजार दिलाने में मदद करें। इससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और कृषि अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बनेगी।
स्थानीय संसाधनों में अवसर
राज्यपाल के अनुसार छत्तीसगढ़ में नवाचार की सबसे बड़ी संभावनाएं राज्य के अपने संसाधनों में हैं। कृषि, वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट, जैविक खेती, पशुपालन और जनजातीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। उन्होंने कहा कि कृषि और जैव-प्रौद्योगिकी राज्य के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
किचन गार्डन और बाड़ी को बढ़ावा
राज्यपाल ने किचन गार्डन और बाड़ी की अवधारणा को फिर से बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक हो सकती है।
स्टार्टअप शुरू करने से पहले क्या करें
राज्यपाल ने युवाओं को सलाह दी कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का सर्वेक्षण करें और उत्पाद या सेवा की मांग व बाजार की संभावनाओं को समझें। किसी भी काम को शुरू करने से पहले स्पष्ट योजना और रोडमैप बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए परिश्रम और प्रशिक्षण के साथ बाजार सर्वेक्षण, प्रबंधन क्षमता और वित्तीय समझ भी जरूरी है।
शिक्षा के साथ कौशल पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं को कौशल देना जरूरी है, ताकि वे पारिवारिक आय बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे सकें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति में भी कौशल और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का प्रावधान है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
समारोह में विधायक अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर डॉ. राजीव प्रकाश और एनआईटी रायपुर के डायरेक्टर डॉ. समीर बाजपेई मौजूद रहे। नाबार्ड और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए।
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