वॉरेन बफेट का बर्कशायर हैथवे से आधिकारिक इस्तीफा: 60 साल के सफर का अंत, ग्रेग एबेल संभालेंगे कमान..

दुनिया के सबसे मशहूर निवेशकों में शुमार वॉरेन बफेट ने आखिरकार बर्कशायर हैथवे के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है, जिसके साथ ही कंपनी के साथ उनका 60 साल लंबा सफर एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। बफेट ने अपने शेयरधारकों को लिखे एक विदाई पत्र में कहा कि बर्कशायर में जोखिम का स्तर किसी भी अन्य कारोबार के मुकाबले बेहद कम रहा है, और कंपनी का प्रबंधन हमेशा शेयरधारकों के हितों को प्राथमिकता देता आया है।

बफेट ने सबसे पहले मई 2025 में ओमाहा, नेब्रास्का में हुई कंपनी की वार्षिक शेयरधारक बैठक में इस फैसले का ऐलान किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब समय आ गया है कि उपाध्यक्ष ग्रेग एबेल कंपनी की कमान संभालें। उस समय शेयरधारकों ने खड़े होकर कई मिनट तक तालियां बजाकर उन्हें सम्मान दिया था। बदलाव की यह प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हुई, और अब आधिकारिक तौर पर एबेल कंपनी के नए CEO बन गए हैं। हालांकि बफेट ने साफ किया है कि वे बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर कंपनी के साथ जुड़े रहेंगे।

94 साल की उम्र में CEO पद से हटने का ऐलान करने वाले बफेट ने अपने एक भी शेयर को न बेचने की बात दोहराई थी। उन्होंने 11 साल की उम्र में अपना पहला शेयर खरीदा था और 1965 में एक डूबती हुई टेक्सटाइल कंपनी को खरीदकर उसे आज के 1.16 ट्रिलियन डॉलर के विशाल निवेश समूह में बदल दिया। बर्कशायर हैथवे के पास आज गीको, ड्यूरासेल, डेयरी क्वीन समेत 60 से ज्यादा कंपनियां हैं, साथ ही एपल, कोका-कोला, बैंक ऑफ अमेरिका जैसी बड़ी कंपनियों में भी बड़ी हिस्सेदारी है। ग्रेग एबेल, जो 2018 से बर्कशायर के उपाध्यक्ष रहे हैं, अब कंपनी के निवेश और पूंजी आवंटन से जुड़े सभी अहम फैसले लेंगे।

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