कनाडाई लेखिका ऐन कार्सन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। स्वीडिश अकादमी, स्टॉकहोम के मुताबिक उन्हें साहसिक और नवीन रचनाओं के लिए सम्मानित किया गया। अकादमी ने कहा कि उन्होंने शास्त्रीय साहित्यिक परंपरा से रचनात्मक संवाद के जरिए समकालीन साहित्य के नए रूप गढ़े हैं।
घोषणा से पहले ही कार्सन को दावेदारों में गिना जा रहा था। नोबेल की घोषणा 8 अक्टूबर को होनी थी और अटकलों में चीन की लेखिका कान शुए के साथ कार्सन सबसे आगे थीं। पुरस्कार राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोना है, जो करीब 1.2 मिलियन डॉलर बैठती है।
कार्सन 76 वर्ष की हैं, उनका जन्म टोरंटो में हुआ और वे न्यूयॉर्क में रहती हैं। वे कवयित्री, निबंधकार, अनुवादक और शास्त्रीय व तुलनात्मक साहित्य की प्रोफेसर हैं। उनका काम यूनानी-लैटिन, मध्ययुगीन और समकालीन काव्य परंपराओं के मेल के लिए जाना जाता है। उनकी 1998 की काव्य-उपन्यास रचना “ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड” एक यूनानी मिथक पर आधारित है और बहुत मशहूर है। 1986 की उनकी गैर-कथा पुस्तक “ईरॉस द बिटरस्वीट” भी चर्चित है।
नोबेल से पहले भी उन्हें बड़े सम्मान मिल चुके हैं। 2020 में उन्हें प्रिंसेस ऑफ अस्टुरियास साहित्य पुरस्कार मिला, 2021 में PEN/नाबोकोव पुरस्कार, और 2024 की उनकी किताब “रॉन्ग नॉर्मा” नेशनल बुक अवॉर्ड की कविता श्रेणी की लॉन्गलिस्ट में रही।
Read more:-जल सुरक्षा पर नायडू का दांव: प्रधानमंत्री से मिलकर मांगा नदियां जोड़कर बनने वाला राष्ट्रीय जल ग्रिड