भिलाई। ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के पटना से संचालित अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का राजफाश किया है। थाना खुर्सीपार पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिरक्षा में लिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह प्रतिदिन करीब 12 से 15 लाख रुपये तथा प्रतिमाह चार से पांच करोड़ रुपये का ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन कर रहा था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर शोभराज अग्रवाल ने बताया कि सट्टा के एक पुराने मामले में खुर्सीपार थाना में दर्ज अपराध की विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रेल के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान गठित विशेष टीम बिहार के पटना पहुंची और स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन व तकनीकी निगरानी के बाद नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में दबिश देकर आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि आरोपित किराये के मकान में रहकर लूडो, कैसीनो, एविएटर, फुटबॉल बेटिंग सहित विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म पर आईडी उपलब्ध कराकर लोगों से दांव लगवाते थे। हार-जीत की रकम का लेन-देन यूपीआई, नेट बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और म्यूल बैंक खातों के जरिए किया जाता था। गिरोह पहचान छिपाने के लिए लगातार बैंक खाते बदलता रहता था।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आफताब अहमद (24) निवासी अहमदनगर कैंप-2, भिलाई तथा दानिश खान (24) निवासी कैंप-1, भिलाई के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक तथा ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी सामग्री जब्त की है। जब्त डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों का फॉरेंसिक व तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों और लाभार्थियों तक पहुंचा जा सके।