रायपुर। ऑनलाइन डिलीवरी के दौरान तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए रायपुर यातायात पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने विभिन्न ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों और फर्मों के संचालकों एवं मैनेजरों की बैठक लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में फ्लिपकार्ट, ब्लू डार्ट, डिलीवरी डॉट कॉम, ब्लिंकिट समेत अन्य डिलीवरी कंपनियों के मैनेजर शामिल हुए। अधिकारियों ने डिलीवरी एजेंटों की सुरक्षा के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
डिलीवरी बॉय पर नहीं होगा समय सीमा का दबाव
बैठक में सबसे अहम निर्देश डिलीवरी की तय समय सीमा को लेकर दिया गया। कंपनियों से कहा गया कि डिलीवरी बॉय पर 10 या 15 मिनट जैसी तय डेडलाइन का दबाव नहीं बनाया जाए।

यातायात पुलिस के अनुसार कम समय में डिलीवरी पूरी करने के दबाव में कर्मचारी तेज गति से वाहन चलाते हैं और हड़बड़ी करते हैं। इससे सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
हेलमेट और यातायात नियमों का पालन जरूरी
डिलीवरी एजेंटों को हेलमेट पहनकर वाहन चलाने, रॉन्ग साइड में वाहन नहीं चलाने और ओवरस्पीडिंग से बचने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और यातायात के अन्य नियमों का पालन करने की भी सख्त हिदायत दी गई।
डिलीवरी कर्मियों का होगा चरित्र सत्यापन
आम नागरिकों की सुरक्षा और डिलीवरी सेवाओं में भरोसा बनाए रखने के लिए कंपनियों को अपने सभी डिलीवरी कर्मियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नियम तोड़ने पर कंपनी भी करेगी कार्रवाई
यातायात पुलिस ने कंपनियों से कहा कि यदि कोई डिलीवरी एजेंट यातायात नियमों का उल्लंघन करता है या लापरवाही से वाहन चलाता है, तो संबंधित कंपनी भी अपने स्तर पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। साथ ही कर्मचारियों को समय-समय पर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
नागरिकों से भी की गई अपील
यातायात कमिश्नरेट रायपुर ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन सामान मंगाने के बाद डिलीवरी जल्दी लेने के लिए कर्मचारी पर दबाव न बनाएं। डिलीवरी कर्मियों को सुरक्षित तरीके से पहुंचने का पर्याप्त समय दें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने में सहयोग करें।
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